Swami Vivekanand Ke Sapno Ka Bharat (स्वामी विवेकानन्द
- Criticism of the Works of Novelists, Poets, Playwrights, Short-Story Writers, and Other Creative Writers Who Liv
- Format
- Bog, paperback
- Hindi
- 202 sider
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Beskrivelse
स्वामी विवेकानंद का दृष्टिकोण आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक सोच का अद्भुत संगम था। उन्होंने भारत के सम्पूर्ण विकास, समृद्धि, शांति एवं प्रगति के लिए सपने संजोए थे। स्वामी जी के कार्यों, प्रवचनों एवं रचनाओं को देखकर उनके सपनों के भारत की रूप-रेखा को सहज ही समझा जा सकता है।
भारत के नीति निर्माता पश्चिमी सोच से प्रभावित हैं। इसी कारण देश में निरंतर समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। यदि नीति निर्माता स्वामी विवेकानंद के विचारों और सपनों को आत्मसात कर नीतियों का निर्धारण करें तो निश्चय ही सभी समस्याओं का सहज समाधान मिल सकता है। स्वामी विवेकानंद की रचनाओं और उनके प्रवचनों से कुछ विशिष्ट उद्धरण देते हुए लेखक हिमांशु शेखर ने यही इस पुस्तक में समझाने का प्रयास किया है। हिमांशु शेखर की गिनती तेजी से उभरते हुए युवा पत्रकारों में की जाने लगी है। जनसत्ता से अपने लेखन की शुरुआत करने वाले हिमांशु के लेख तकरीबन सभी प्रमुख पत्रा-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो रहे हैं। सक्रिय पत्रकारिता में कम समय में ही उनके लगभग 600 लेख अलग-अलग पत्रा-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। अपने बेबाक लेखन से वे हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। डायमंड बुक्स से हिमांश
Detaljer
- SprogHindi
- Sidetal202
- Udgivelsesdato03-11-2022
- ISBN139788128833755
- Forlag diamond pocket books pvt ltd
- FormatPaperback
- Udgave0
Størrelse og vægt
10 cm
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