Meri Lucknow Yatra Ambulance Se "मेरी लखनऊ यात्रा एम&#
- Criticism of the Works of Novelists, Poets, Playwrights, Short-Story Writers, and Other Creative Writers Who Liv
- Format
- Bog, paperback
- Hindi
- 102 sider
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Beskrivelse
काव्य लिखने का शौक पहले से ही था। समय-समय पर कविताएँ भी लिखती रही, परन्तु उपन्यास और कहानियाँ लिखने में व्यस्त रही जिस वज़ह से कविताओं का प्रकाशन छूट गया। कई मंचो से स्वलिखित कविताओं के पढ़ने का सुअवसर प्राप्त हुआ। लगा कि काफी कविताएँ लिख चुकी हूँ क्यों न इन को पुस्तक का रूप दिया जाये। जीवन में अनेक उतार चढ़ाव आये, राजनीति बहुत पास से देखी। सुख-दुःख, आशा-निराशा, प्रेम-विछोह, सफलता-असफलता तमाम रंगों से ओत-प्रोत रही ज़िंदगी। आस-पास घटित होने वाली घटनाओं से भी प्रभावित हुई। समाज बेटियों, महिलाओं और प्रकृति से कैसा व्यवहार करते है? यह नहीं सोचते कि बेटी और प्रकृति ही ऐसी दो अद्भुत शक्तियाँ हैं जो अच्छे समाज का निर्माण करती हैं। अगर इनपर ध्यान नहीं दिया गया या इनसे प्यार नहीं किया गया तो संसार काफी जटिलताओं में उलझ जायेगा। प्रकृति, बेटी और बहू, स्त्री पुरुष मानव जाति के विलक्षण अंग हैं; इनको सहेजना ही पड़ेगा, वरना जीवन में वह रौनक नहीं आ पायेगी जो आनी चाहिये। मेरी यह कविताएँ वक़्त के साथ धीरे-धीरे लिखी गईं हैं जैसे लता एक दिन में बढ़कर नहीं फैलती, धीरे-धीरे विकसित होती है। मेरे मन में जो भाव निवसित हो गये और धीरे-धीरे विकसित होकर कविता के रूप
Detaljer
- SprogHindi
- Sidetal102
- Udgivelsesdato13-06-2022
- ISBN139789390539192
- Forlag TingleBooks
- FormatPaperback
- Udgave0
Størrelse og vægt
10 cm
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