- Format
- Bog, paperback
- Hindi
- 266 sider
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Beskrivelse
प्रेमचंद के कथा साहित्य की एक खास विशेषता यह है कि वो किसी पारिवारिक कथानक को आधार बनाकर तत्कालीन औपनिवेशिक शासन की क्रूरता व भ्रष्टाचार के प्रति जनता को जागरूक करने का काम करते हैं। उनके उपन्यासों में कथा की शुरुआत किसी पारिवारिक समस्या से होती है और अंत राजनीतिक आन्दोलन के संघर्ष पर जाकर। 'गबन' इसका एक अच्छा उदाहरण है। ऐसा इसीलिए हो पाता है क्योंकि साहित्य रचना के दौरान उनका विज़न एकदम स्पष्ट होता है। इस उपन्यास के माध्यम से प्रेमचंद रमानाथ द्वारा किए गये गबनों को ही सिर्फ नहीं दिखाते बल्कि पुलिस प्रशासन की क्रूरता और भ्रष्टाचार को भी पाठकों के सामने रखने का काम करते हैं। प्रेमचंद इसीलिए हमारे प्रिय हैं क्योंकि वे अपने समय में घटने वाली राजनीतिक-प्रशासनिक घटनाओं को अपने कथा के माध्यम से बड़ी ही आसान भाषा में समझाने का काम करते हैं।
Detaljer
- SprogHindi
- Sidetal266
- Udgivelsesdato22-01-2025
- ISBN139789389851519
- Forlag Prabhakar Prakshan
- FormatPaperback
- Udgave0
Størrelse og vægt
10 cm
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