Bal Krishna Dohavali बालकृष्ण दोहावली
- Criticism of the Works of Novelists, Poets, Playwrights, Short-Story Writers, and Other Creative Writers Who Liv
- Format
- Bog, paperback
- Hindi
- 198 sider
Normalpris
Medlemspris
- Du sparer kr. 15,00
- Fri fragt
-
Leveringstid: 7-12 Hverdage (Sendes fra fjernlager) Forventet levering: 18-03-2026
- Kan pakkes ind og sendes som gave
Beskrivelse
बृहत्काव्यं महाकाव्यमिति वदन्त्यपण्डिताः । अष्टसर्गरसक्लृप्तं वदन्ति काव्यपण्डिताः ।। काव्य बड़ा दोने से महाकाव्य नहीं हो जाता. कम से कम आठ सर्गों से युक्त; जिसमें वीर, शृंगार या शांत रस प्रधान हो; और जिसका नायक कोई देव-देवता, राजा अथवा गुणसंपन्न धीरोदात्त वीर पुरुष हो वही काव्य महाकाव्य होता है. प्रस्तुत बाल श्रीकृष्ण दोहावली महाकाव्य सर्वतोपरी दैवी अद्भुत लीलाओं से ओतप्रोत भरा हुआ व आध्यात्मिक गहनता से परिपूर्ण, प्रतिभावान और जागतिक इतिहास में अनुपम है. विशेष बात यह कि इस काव्य के दोहे बोलचाल की साधारण सरल हिंदी भाषा में ही रचे गए हैं.
भारतीय संस्कृति का ऐसा कोई भी पहलू नहीं है जो इस अनूठे महाकाव्य में रुचिरता से सन्नद्ध न किया हो. यह काव्य प्रेमियों के लिये दोहाबद्ध विशाल भांडागार है. इसके किसी भी गीत के हारमोनियम स्वर लिपि के लिए लेखक से संपर्क करें.
Detaljer
- SprogHindi
- Sidetal198
- Udgivelsesdato01-01-2019
- ISBN139781897416945
- Forlag PC Plus Ltd.
- FormatPaperback
- Udgave0
Størrelse og vægt
10 cm
Anmeldelser
Vær den første!
Findes i disse kategorier...
- Fagbøger
- Andre fagbøger
- Filosofi og religion
- Filosofi
- Filosofihistorie, filosofiske traditioner
- Østasiatisk og indisk filosofi
- Bal Krishna Dohavali बालकृष्ण दोहावली